सेरूणा थाना क्षेत्र से एक हृदय विदारक खबर आई है। एक सोलह वर्षीय बालिका, जो अभी जीवन के रंगों को ठीक से पहचान भी नहीं पाई थी, अचानक घर से लापता हो गई है। यह घटना मानो एक शांत दिन में अचानक उठने वाले तूफान की तरह है, जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया है।
बात सोमवार की है। बालिका, जो कक्षा 12 में पढ़ती है, हमेशा की तरह सुबह अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी। उसके मन में भविष्य के सपने होंगे, कुछ बनने की चाह होगी। लेकिन शाम ढलते-ढलते जब वह घर नहीं लौटी, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी।
परिजनों ने अपने स्तर पर उसे ढूंढने की हर संभव कोशिश की। रिश्तेदारों से पूछताछ की, आस-पड़ोस में पता किया, हर उस जगह छान मारी जहाँ उसके जाने की संभावना हो सकती थी। लेकिन वह कहीं नहीं मिली।
अंततः, मंगलवार को, परिवार ने हार मानकर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। बालिका के चाचा ने सेरूणा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। उनकी आवाज़ में दर्द और आँखों में अपनी भतीजी को वापस पाने की उम्मीद थी।
पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई पूरनमल को सौंपी गई है। अब यह देखना होगा कि पुलिस की तफ्तीश इस गुमशुदा बालिका को कब और कैसे अपने परिवार से मिला पाती है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।