आज, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। शास्त्रों में वर्णित है कि तिथि के श्रवण और पठन से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। यह भी माना जाता है कि वार के श्रवण से आयु में वृद्धि, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम और उनसे वियोग नहीं होता, तथा करण के श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए, शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का अवलोकन करना चाहिए।
आज का पंचांग इस प्रकार है:
* तिथि: अष्टमी (रात्रि 11:00 बजे तक)
* नक्षत्र: आश्लेषा (सायं 06:36 बजे तक)
* करण: बालव, कौलव (पूर्वाह्न 10:59 बजे तक)
* पक्ष: कृष्ण
* योग: शुक्ल (प्रातः 08:02 बजे तक)
* वार: बुधवार
सूर्य और चंद्रमा से संबंधित गणनाओं के अनुसार, सूर्योदय प्रातः 06:52 बजे और सूर्यास्त सायं 05:42 बजे होगा। चंद्रोदय रात्रि 00:36 बजे और चंद्रास्त दोपहर 01:20 बजे होगा। ऋतु हेमंत है और चन्द्र राशि कर्क (सायं 06:36 बजे तक) रहेगी।
विक्रम संवत 2082 है और मास अमांत कार्तिक और मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त को शुभ माना गया है। वहीं, दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला/अर्द्धयाम, यमगण्ड और गुलिक काल को अशुभ माना गया है।
दिशा शूल उत्तर दिशा में है।
ताराबल अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ राशियों के लिए शुभ है।
आज के चोघडिया इस प्रकार हैं: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चल और लाभ।
लग्न तालिका के अनुसार, विभिन्न लग्नों का समय भी दिया गया है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही, आज सभी ग्रहों के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है और धन लाभ होता है।
आज कालभैरवाष्टमी है, जिसकी हार्दिक शुभकामनाएँ!
-पण्डित, श्रीडूंगरगढ़ ONE