यह अभियान, जो नियमित सफाई व्यवस्था के साथ-साथ चलाया गया, उन क्षेत्रों पर केंद्रित था जहाँ कचरा और गंदगी लंबे समय से जमा थी। वार्ड नंबर 1 से लेकर मोमासर बास, स्टेशन रोड, करणी माता मंदिर मार्ग, गौरव पथ, गौशाला क्षेत्र, रानी बाजार रोड, आडसर बास, घास मंडी रोड, लखासर भैरूजी मंदिर रोड, कालूबास, बिग्गा बास जैसे इलाकों में जेसीबी, ट्रैक्टर और सफाई कर्मचारियों की टीमों ने मिलकर काम किया।
सफाई निरीक्षक हरीश गुर्जर ने बताया कि कालूबास में सामुदायिक भवन और पुरानी टंकी के आसपास की गलियों में कुछ लोगों द्वारा फेंके गए गोबर और कचरे को साफ किया गया। विधायक ताराचंद सारस्वत के निर्देश पर वहां बड़े डस्टबिन भी रखे गए हैं, ताकि भविष्य में गंदगी न फैले। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बताता है कि नगरपालिका भविष्य में भी इस समस्या से निपटने के लिए तैयार है।
पुलिया क्षेत्र में जमा पानी को पंपिंग मशीन से निकाला गया, जिससे लोगों को राहत मिली। विधायक ताराचंद सारस्वत ने नगरपालिका अधिकारियों को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए हैं, जो इस बात का संकेत है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने नगरवासियों से अपील की है कि वे खुले में कचरा न फेंकें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। यह अपील न केवल वर्तमान की सफाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में भी शहर को स्वच्छ रखने के लिए आवश्यक है। यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें हर नागरिक का योगदान आवश्यक है।
यह अभियान हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम अपने शहर को स्वच्छ रखने में कैसे योगदान दे सकते हैं। क्या हम अपने आस-पास की सफाई का ध्यान रखते हैं? क्या हम कचरे को सही जगह पर डालते हैं? क्या हम दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करते हैं? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जिन पर हमें विचार करना चाहिए।
नगरपालिका का यह प्रयास सराहनीय है, और यह आशा की जानी चाहिए कि यह शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सफल होगा। यह न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार करेगा।