मूंगफली खरीद में हो न्याय सिद्धांत की पालना, एक भी पात्र किसान नहीं रहे वंचित।
श्रीडूंगरगढ़ ONE 11 नवम्बर 2025। न्याय का सिद्धांत कहता है कि भले ही दो-चार अपात्र लोगों की मूंगफली तुलाई हो जाए लेकिन एक भी पात्र किसान की मूंगफली सरकारी सर्मथन मूल्य पर तुलवाई से वंचित ना रहे। यह दुहाई देते हुए मंगलवार को सूडसर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य श्रीराम भादू ने जयपुर पहुंच कर राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा से मुलाकात की एवं सरकारी खरीद में किसानों को आ रही दिक्कतों का समाधान करने की मांग की। इस दौरान भादू ने ज्ञापन देते हुए गोदारा से बीकानेर जिले में बिजली बिलों की अनिवार्यता करने से किसानों को आ रही दिक्कतों का उठाया। भादू ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे किसान है जिन्होने गोजा लट एवं अन्य बीमारियों से परेशान होकर पडौसी खेत को किराए पर लेकर अपने टयूबवैल से मूंगफली उपजाई है, लेकिन नए नियम से ये किसान तुलवाई से बाहर हो गए है। इसी प्रकार बड़ी संख्या में एक खसरे में दो कुंए योजना के तहत एक बिल पर दो अलग अलग भाईयों के दो खेतों में दो टयूबवैल है। लेकिन एक बिल होने से इनमें भी एक ही भाई की सरकारी तुलवाई हो सकेगी। भादू ने क्षेत्र में सैंकडों की तादात में ऐसे कृषि विद्युत कनेक्शनों का भी हवाला दिया है, जो बाहरी क्षेत्र से शिफ्टिंग होकर यहां आए है, व अभी तक बिलों में नाम परिवर्तन नहीं हो पाया है। ऐसे ही पडौसी कुंए से पानी खरीद कर अपने असिंचित खेत में मूंगफली बिजान करने वाले किसानों की भी तुलवाई नहीं हो पाएगी। इसलिए बिजली बिल की अनिवार्यता में शिथिलता देने की मांग भादू ने उठाई है। भादू ने साथ ही श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में राजस्व रिकार्ड अनुसार 65 हजार खसरो में मूंगफली बुवाई होने एवं राजफैड के पोर्टल पर 20,165 खसरों का ही पंजीयन होने का आंकड़ा देते हुए ऑनलाईन पोर्टल पुन: खोलने की मांग भी की है। जयपुर में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा से मुलाकात करने वालों में भादू के साथ दुलचासर सरपंच प्रतिनिधि मोडाराम महिया, खेताराम महिया, भंवरलाल महिया आदि भी मौजूद रहे।
माचरा ने सरकार से किसान की पूरी मूंगफली खरीद की मांग की।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। क्षेत्र के युवा नेता डॉ विवेक माचरा ने सरकार से किसान की पूरी मूंगफली खरीद करने की मांग की है। माचरा ने कहा कि सरकार की ग़लत नीतियों के कारण बाज़ार में मूंगफली के भाव बिल्कुल ज़मीन पर आ गए हैं। जिससे जिले के किसान और किसानी संकट में आ गए हैं। सरकार किसानों को बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से चालीस क्विंटल खरीद का नियम हटा कर किसानों की पूरी मूंगफली समर्थन मूल्य पर खरीदे। डॉ माचरा ने कहा कि सरकार की गलत वैश्विक नीतियों और किसान विरोधी नियमों के कारण किसान संकट में आ गया है। बाजार में जो वर्तमान में मूंगफली के भाव हैं, उससे किसान के बिजली बिल भी नहीं भरे जायेंगे, लाखों रुपयों की लागत, अथक मेहनत, बैंकों से ब्याज पर केसीसी, बाजार से उधार लेकर किसान इस मूंगफली की फसल का इंतजार करता है, लेकिन वर्तमान बाजार भाव में और समर्थन मूल्य पर चालीस क्विंटल के नियम के कारण किसान की कमर टूट गई है। डॉ माचरा ने सरकार से तत्काल प्रभाव से चालीस क्विंटल का नियम हटाकर पूरी मूंगफली किसानों से ख़रीदने तथा तुरंत तुलाई केंद्र शुरू करने की मांग की है।