श्रीडूंगरगढ़, 11 नवंबर 2025। राजस्थान के श्रीडूंगरगढ़ के पास कल्याणसर नया गांव में स्थित श्रीजसनाथजी पीड़ा ग्रस्त गौशाला समिति इन दिनों भक्ति और सेवा के रंग में डूबी हुई है। गौशाला में आयोजित गौकृपा कथा का आयोजन चल रहा है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु एकत्रित हो रहे हैं।
कथा के चौथे दिन, सोमवार को कथा वाचिका साध्वी श्रद्धा गोपाल दीदी ने कथा में उपस्थित जनमानस को जीवन के विभिन्न पहलुओं से जोड़ा। उन्होंने सहज भाषा में दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से हमारी परंपराओं की वैज्ञानिकता को समझाया। उन्होंने कहा कि भारत भूमि पर जन्म लेना एक सौभाग्य है और हमें अपनी समृद्ध परंपराओं को संजोकर रखना चाहिए।
साध्वी जी ने पश्चिमी देशों की अंधी नकल से बचने की प्रेरणा दी और देश के परंपरागत खान-पान और रहन-सहन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पंचगव्य के लाभों का विस्तार से वर्णन किया और अन्नप्राशन और मुंडन जैसे संस्कारों के महत्व को समझाया। देवी पुराण और भागवत कथा के अनेक प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने गाय को सभी देवताओं में श्रेष्ठ बताया और गौकृपा प्राप्त करने का आह्वान किया।
कथा में कल्याणसर नया और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने आ रहे हैं। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार, वे गौसेवा में योगदान भी दे रहे हैं।
गौरतलब है कि यह सप्त दिवसीय कथा है जिसका पांचवा दिन मंगलवार को होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति द्वारा ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे वे आसानी से कथा में शामिल हो सकें। समिति के सदस्य भी उत्साहपूर्वक कथा की व्यवस्थाओं में अपना योगदान दे रहे हैं, जिससे कथा का आयोजन सुचारू रूप से चल रहा है।