डीटीआर भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक और किसान नेता गिरधारीलाल महिया ने की। उन्होंने सरकार पर बीकानेर के किसानों के साथ “सौतेला व्यवहार” करने का आरोप लगाया, जबकि यह क्षेत्र प्रदेश में मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक है।
महिया ने कहा कि सरकार द्वारा पिछले साल खरीदी गई मूंगफली को अब बाजार में कम दामों पर बेचा जा रहा है, जिससे इस सीजन में मूंगफली के दामों में गिरावट आई है। इस स्थिति ने किसानों को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है।
बैठक में किसानों ने खरीद प्रक्रिया में बिजली बिल की अनिवार्यता को लेकर भी नाराज़गी व्यक्त की, जिसे उन्होंने किसानों को परेशान करने का एक तरीका बताया। उनका कहना था कि इस शर्त को तुरंत हटाया जाना चाहिए।
कॉमरेड लालचंद लूणकरणसर ने सभी किसानों की मूंगफली की खरीद सुनिश्चित करने के लिए तत्काल खरीद प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने गिरदावरी में हुई गड़बड़ियों की जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के नाम पर खरीद को लम्बित करने का विरोध किया जाएगा।
किसानों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आगामी 14 नवंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। बैठक के बाद, किसान नेताओं ने एडीएम प्रशासन को जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें खरीद जल्दी शुरू करने, समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पोर्टल को फिर से शुरू करने, खरीद का लक्ष्य बढ़ाने, पिछले साल के मूंगफली स्टॉक की बिक्री पर रोक लगाने, बिजली बिल और पानी पर्ची की अनिवार्यता को समाप्त करने और नापासर में खरीद केंद्र शुरू करने की मांग की गई।
बैठक में जेठाराम लाखूसर, रूपाराम राजेरा, भरत कस्वां, लक्ष्मण कस्वां, सत्तुनाथ, सरपंच सुनील मेघवाल, अशोक शर्मा, मोहन भादू, लालाराम सारण, राजेंद्र जाखड़, गिरधारी जाखड़, मालाराम, पोकरराम पूगल, रमेश पूनियां खाजूवाला, भंवर आचार्य गाढ़वाला, गोपीराम, चंदर जाखड़ सहित किसान सभा के कई पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।