मामले की जड़ें गांव नारसीसर में हैं, जहाँ चंद्रसिंह नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। चंद्रसिंह के अनुसार, 7 नवंबर की रात लगभग 8 बजे, उनके भतीजे गोरधनसिंह को कुछ लोगों ने गांव की गुवाड़ में बुलाया। वहाँ पहुंचते ही, गोरधनसिंह पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया।
चंद्रसिंह ने अपनी शिकायत में प्रदीपसिंह, छैलूसिंह व गजेंद्र सिंह (तीनों पुत्र सुमेरसिंह), मंजीत (पुत्र दिलीपसिंह) और चार-पांच अज्ञात लोगों को नामजद किया है। उनका आरोप है कि इन सभी ने मिलकर गोरधनसिंह के साथ कुल्हाड़ी से मारपीट की, उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और पर्स छीन लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने घटना के बाद खुलेआम धमकी भी दी।
सेरूणा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच का जिम्मा सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) महेंद्र सिंह को सौंपा गया है। अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस घटना के पीछे की असली वजह क्या थी। इस घटना ने गांव में चिंता और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है, और हर कोई सच्चाई जानने के लिए उत्सुक है।