यह कथा गौशाला समिति द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य गौमाता के प्रति प्रेम और सेवा भाव को जागृत करना है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पांच अलग-अलग रूटों पर बसों का इंतजाम किया गया है।
आज कथा के तीसरे दिन, आसपास के सभी गांवों से श्रद्धालुओं को लेकर बसें कथा स्थल पर पहुंचेंगी। रूट नंबर 1 की बस धीरदेसर पुरोहितान से चलकर ठुकरियासर, तोलियासर, जेतासर, श्रीडूंगरगढ़, बाना, ऊपनी होते हुए कथा स्थल तक जाएगी। वहीं, रूट नंबर 2 की बस धनेरू से रवाना होकर बाडेला, बरजांगसर, केऊ, जाखासर के श्रद्धालुओं को लेकर पहुंचेगी। रूट नंबर 3 की बस लालमदेसर से चलकर गांव बीदासरिया, लिखमीसर ऊतरादा, दिखनादा, राजेडू, बापेउ होते हुए कल्याणसर नया पहुंचेगी। रूट नंबर 4 की बस नौसरिया मिंगसरिया से रवाना होकर धर्मास, रीड़ी, बाना, ऊपनी होते हुए कथा स्थल पर पहुंचेगी। और अंत में, रूट नंबर 5 की बस बेलसर, सेरूणा, देजरासर, गोपालसर, सूडसर, दुलचासर, कोटासर, दुसरना, कल्याणसर पुराना, ऊपनी होते हुए कथा स्थल पर पहुंचेगी।
श्रद्धालु अपने-अपने गांव के बस स्टैंड से बसों में सवार होकर कल्याणसर नया में कथा स्थल तक पहुंच रहे हैं और कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं। कथा समाप्ति के बाद, बसों द्वारा उन्हें वापस उनके गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
कथा में शामिल होने के इच्छुक लोग अंचल के ग्रामीण 96649 04032 या 9923496229 पर संपर्क कर सकते हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से क्षेत्र में गौसेवा और भक्ति की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। गौशाला समिति का यह प्रयास सराहनीय है, जो न केवल गौमाता की सेवा कर रहे हैं, बल्कि लोगों को धर्म और संस्कृति से भी जोड़ रहे हैं।