कस्बे के सिंधी मंदिर में कार्तिक माह के उपलक्ष्य में चल रहे आयोजनों के क्रम में आज भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। 24 अक्टूबर से नियमित रूप से आयोजित हो रही इस फेरी में आज पूर्णिमा के अवसर पर मोहल्लेवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हरि-कीर्तन करते हुए श्रद्धालु कस्बे के मुख्य मार्गों से गुज़रे। मंदिर के मीडिया प्रभारी रवि रिझवानी के अनुसार, प्रतिदिन सुबह 5 बजे प्रभात फेरी और 6 बजे पंडित मांगीलाल उपाध्याय द्वारा कार्तिक माह की कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसका समापन 6 नवंबर को होगा।
पूर्णिमा के विशेष अवसर पर मंदिर प्रांगण में दुर्गाप्रसाद खट्टनानी और मुरलीधर सँगवाणी ने सपत्नीक यजमान बनकर विशेष हवन में भाग लिया। इसके बाद झूलेलाल आरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया। सिंधी पंचायत मंत्री अशोक वासवानी ने बताया कि प्रभात फेरी के दौरान कई स्थानों पर पुष्प वर्षा की गई और काशी मोरवाणी, किशोर खट्टनानी, महावीर प्रसाद दातवानी, हरीश गुरनानी, विजय बजाज आदि ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
वहीं, गांव ठुकरियासर स्थित लोक देवता सरसजी महाराज के मंदिर में कार्तिक माह की चतुर्दशी पर जन्मोत्सव मनाया गया। सरस सेना अध्यक्ष हनुमान सिंह गोदारा ने बताया कि मंदिर में कांच की नक्काशी का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी चैत्र नवरात्रा से पहले मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित करने का संकल्प लिया गया है और मंदिर में स्थापित होने वाली सात मूर्तियाँ बनकर तैयार हो चुकी हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ के घरों में भी व्रत-उद्यापन और हवन का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्रवासी अपने भाई-बंधुओं, समाज और शुभचिंतकों के साथ इन धार्मिक आयोजनों में व्यस्त हैं।
कार्तिक पूर्णिमा का यह पर्व श्रीडूंगरगढ़ में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बनकर उभरा है।