श्रीडूंगरगढ़, 4 नवंबर 2025। रिश्तों की डोर जहाँ प्रेम और विश्वास से बुनी जाती है, वहीं कभी-कभी दहेज की लालसा इस डोर को कमजोर कर देती है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के मोमासर गांव की एक 24 वर्षीय विवाहिता, पार्वती देवी मेघवाल, इसी त्रासदी का शिकार हुई हैं। उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए श्रीडूंगरगढ़ थाने में मामला दर्ज करवाया है।
पार्वती देवी ने पुलिस को बताया कि उनका विवाह 15 जुलाई 2021 को सरदारशहर के बेजासर निवासी रामदेव के साथ हुआ था। विवाह के समय उनके परिवार ने अपनी सामर्थ्य अनुसार दहेज भी दिया था, लेकिन ससुराल वालों की लालच बढ़ती ही गई। आरोप है कि पति रामदेव, ससुर छोटूराम और सास संतोष देवी ने मोटरसाइकिल, 2.5 लाख का बाटका (नकद राशि) और सोने के गहनों की मांग करते हुए उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में पुत्र के जन्म के बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला। पीहर पक्ष ने बच्चे के जन्म पर रीति-रिवाजों के अनुसार उपहार भी दिए, जिसे ‘छूछक’ कहा जाता है, परन्तु ससुराल वालों की प्रताड़ना जारी रही। पार्वती देवी का आरोप है कि 9 अक्टूबर 2025 को आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें घर से निकाल दिया।
पार्वती देवी के अनुसार, मामले को सुलझाने के लिए 14 अक्टूबर को गाँव के पंचों की पंचायत भी हुई। पंचायत में भी ससुराल वाले दहेज की अपनी मांग पर अड़े रहे और पार्वती देवी के स्त्री धन को भी हड़प लिया। इसके बाद उसे घर में रखने से इनकार कर दिया गया।
पुलिस ने पार्वती देवी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एसआई मोहनलाल को सौंपी गई है। यह घटना एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक बुराई की ओर ध्यान आकर्षित करती है, जो आज भी हमारे समाज में गहराई तक फैली हुई है। अब देखना यह है कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पार्वती देवी को न्याय मिल पाता है या नहीं।