5 नवंबर, 2025, श्रीडूंगरगढ़: रिश्तों की डोर दहेज की मांग के बोझ तले किस तरह कमज़ोर पड़ जाती है, इसकी एक दुखद तस्वीर श्रीडूंगरगढ़ के मोमासर गांव से सामने आई है। एक युवती ने अपने ससुरालवालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है। यह मामला श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के मोमासर गांव का है, जहाँ से एक विवाहिता ने अपनी आपबीती सुनाई है।
परिवादिया पार्वती, जो सुमेरमल मेघवाल की 24 वर्षीय बेटी हैं और मोमासर की निवासी हैं, ने अदालत में एक इस्तगासा दायर किया है। उन्होंने बताया कि उनकी शादी 15 जुलाई, 2021 को रामदेव पुत्र छोटूराम, निवासी बेजासर (जिला चूरू) के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। पार्वती के परिवार ने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर दहेज दिया था, जिसमें 71 हजार रुपए नकद भी शामिल थे।
पार्वती का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही उनके पति रामदेव, ससुर छोटूराम और सास संतोष उन्हें दहेज के लिए ताने मारने लगे। उनका कहना था कि शादी में पर्याप्त दहेज नहीं दिया गया। आरोप है कि ससुराल वाले उनसे दो लाख पचास हजार रुपए नकद, एक मोटरसाइकिल, सोने-चांदी के गहने और गांव में मकान खरीदने के लिए पैसे लाने की मांग कर रहे थे।
पार्वती ने जब अपने पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए दहेज लाने में असमर्थता जताई, तो ससुराल वालों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिवाद में बताया गया है कि 9 अक्टूबर, 2025 की सुबह करीब 10 बजे तीनों आरोपियों ने मिलकर पार्वती को पीटा। उनके पति रामदेव ने उनके हाथ पर जोर से मारा और पेट पर लात मारी, जबकि सास संतोष ने देगची से उनकी पीठ पर वार किया। ससुर छोटूराम ने उनके बाल पकड़कर धक्का दिया।
पार्वती का आरोप है कि ससुराल वालों ने उन्हें घसीटकर सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया, उनके गहने छीन लिए और उन्हें घर से निकाल दिया। घायल पार्वती किसी तरह अपने मायके मोमासर पहुंची और अपने परिवार को अपनी दुखभरी कहानी सुनाई।
अगले दिन, पार्वती के पिता सुमेरमल अपने रिश्तेदारों के साथ बेजासर गए और अपनी बेटी का घर बसाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने साफ कह दिया कि जब तक उनकी दहेज की मांग पूरी नहीं होती, वे पार्वती को घर में नहीं रखेंगे।
14 अक्टूबर को गांव में एक पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन ससुराल वालों ने न केवल दहेज की मांग को दोहराया, बल्कि पार्वती को धमकी भी दी कि अगर वह बिना दहेज के वापस आई तो वे उसे जान से मार देंगे।
मारपीट के बाद पार्वती ने मोमासर के राजकीय अस्पताल में इलाज करवाया, और उनका उपचार अभी भी जारी है।
पार्वती ने अपने पति रामदेव, ससुर छोटूराम और सास संतोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना समाज में व्याप्त दहेज की कुप्रथा और इसके कारण महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों को उजागर करती है। यह एक ऐसी कहानी है जो सोचने पर मजबूर करती है कि क्या रिश्तों का मोल सिर्फ दहेज से आंका जाना चाहिए?