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4 नवंबर 2025 के पंचांग के साथ पढें और भी खास जानकारी पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ में आज का दिन, पंचांग के अनुसार, कई शुभ और आवश्यक जानकारियों से भरा है। आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो रात 10:37 तक रहेगी। मान्यता है कि इस तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

आज का नक्षत्र रेवती है, जो दोपहर 12:35 तक रहेगा। शास्त्रों में नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होना बताया गया है। योग वज्र है, जो दोपहर 03:42 तक रहेगा, और कहा जाता है कि योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है। करण गर, वणिज दोपहर 12:25 तक रहेगा जिसके पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।

पंचांग के अनुसार, सूर्योदय सुबह 06:46 पर हुआ और सूर्यास्त शाम 05:47 पर होगा। चंद्रोदय शाम 04:44 पर होगा और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 06:18 पर होगा। चंद्रमा मीन राशि में दोपहर 12:35 तक रहेगा और ऋतु हेमंत है।

आज विक्रम सम्वत 2082 है और शक सम्वत 1947 विश्वावसु है। काली सम्वत 5126 है। दिन काल 11:00:45 है।

पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त 11:55 AM से 12:39 PM तक रहेगा। वहीं, राहु काल 03:02 PM से 04:25 PM तक रहेगा। दिशा शूल उत्तर दिशा में है।

ताराबल अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन राशियों के लिए अनुकूल है।

आज मंगलवार है, और इस दिन क्षौरकर्म (बाल और दाढ़ी कटवाना) वर्जित माना गया है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान चालीसा और सुन्दर काण्ड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। भक्त मंदिर में हनुमान जी को लाल गुलाब, इत्र अर्पित करते हैं और बूंदी या गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाते हैं।

पंचांग के अंत में पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE ने सभी के लिए दिन के मंगलमय होने की कामना की है। आज बैकुण्ठ चतुर्दशी भी है।

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