श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास क्षेत्र में स्थित शिवम मानव कल्याण सेवा संस्थान में एक हृदयविदारक घटना घटी। यहां एक साल से आश्रय पा रहीं, मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही, एक महिला ने सोमवार को अपनी जीवन यात्रा समाप्त कर दी।
किरण, जिनकी आयु 40 वर्ष थी और जो जितेंद्रसिंह की पत्नी थीं, रतनगढ़ के सुडाबास, गोगामेडी की निवासी थीं। उन्होंने आश्रम के एक कमरे में पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की जानकारी मिलते ही हैड कांस्टेबल रामस्वरूप अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को नीचे उतरवाया और उसे उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
रामस्वरूप ने बताया कि मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के आने और उनकी रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में मौजूद कमजोर और निराश्रित लोगों के जीवन की चुनौतियों की ओर ध्यान खींचा है। यह सोचने का विषय है कि क्या हम उन्हें सहारा देने और उनकी पीड़ा को कम करने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रहे हैं।