श्रीडूंगरगढ़ में आज का दिन पंचांग के अनुसार शुभ कार्यों के लिए मार्गदर्शन करेगा। प्रात:काल में सूर्योदय के साथ ही दिन की शुरुआत होगी और हेमंत ऋतु का प्रभाव रहेगा।
आज दशमी तिथि प्रात: 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, जिसके श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने की बात शास्त्रों में कही गई है। नक्षत्र शतभिषा सायं 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा, जिसके पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है।
पंचांग के अनुसार, आज के दिन कुछ शुभ और अशुभ मुहूर्त भी रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। वहीं राहुकाल प्रात: 9 बजकर 31 मिनट से 10 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा, इसलिए उस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पंचांग में चन्द्रबल और ताराबल की भी जानकारी दी गई है, जो विभिन्न राशियों के लिए अलग-अलग फलदायी होंगे।
आज के दिन ग्रहों की स्थिति और चौघड़िया के अनुसार, दिन के विभिन्न समयों में अलग-अलग कार्यों को करने के लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त बताए गए हैं।
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांयकाल में तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है। इसके अतिरिक्त, शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा का पाठ करने और गायत्री मंत्र की एक माला का जाप करने से भय दूर होता है और बिगड़े कार्य बनने लगते हैं।
शिवपुराण के अनुसार, शनि देव पिप्पलाद ऋषि का स्मरण करने वालों को पीड़ा नहीं देते। इसलिए शनि की दशा से पीड़ित व्यक्तियों को नित्य पिप्पलाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
इसके साथ ही, सभी को देव प्रबोधिनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं और यह भी बताया गया है कि तुलसी विवाह कल है, और एकादशी का व्रत कल भी किया जा सकता है।