गुरुवार को, श्रीडूंगरगढ़ पुलिस क्षेत्र के सबसे बड़े स्कूल, भारती निकेतन स्कूल में पहुंची, जहाँ उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को संबोधित किया। यह आयोजन सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसके तहत साईबर सुरक्षा पर एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
संस्था के निदेशक, ओमप्रकाश स्वामी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को मोबाईल और सोशल मीडिया के अनजाने खतरों से अवगत कराना था।
श्रीडूंगरगढ़ के सीओ, निकेत पारीक ने बच्चों और शिक्षकों को मोबाईल के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया ऐप्स, ठगी करने वाले ऐप्स, और खेलों के ऐप्स के माध्यम से हो रहे गंभीर अपराधों के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि कम उम्र के बच्चे और किशोर लड़कियां इन शातिर अपराधियों के आसान शिकार बन रहे हैं।
पारीक ने मोबाईल को शौक के बजाय केवल काम का उपकरण मानने और जीवन में उतना ही उपयोग करने की सलाह दी, जितना अन्य उपयोगी गैजेट्स का करते हैं।
श्रीडूंगरगढ़ के थानाधिकारी, जितेन्द्र कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर आमजन से ठगी करने और लोन के झांसे में लेकर ठगी करने जैसे साईबर अपराधों के बारे में बताया, और इनसे सावधान रहने के लिए ज़रूरी जानकारियाँ दीं।
ओमप्रकाश स्वामी ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की झूठी सूचनाओं को आगे न बढ़ाने, फर्जी आईडी बनाकर किसी को बदनाम न करने, और परेशान न करने की प्रेरणा दी। उन्होंने सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के कार्य अपराध की श्रेणी में आते हैं।
ज्ञात हो कि भारती निकेतन स्कूल नियमित रूप से ऐसे विभिन्न सेमिनार आयोजित करवाता रहा है, और बच्चों को देश का जिम्मेदार नागरिक बनाने के प्रयास जारी रखता है। भारती निकेतन स्कूल ने दोनों अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।