30 अक्टूबर, 2025, श्रीडूंगरगढ़: श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के मोमासर में गोपाष्टमी का पर्व बड़े ही श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ मनाया गया। भोमिया दादा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोमाता के प्रति आस्था और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला।
गुरुवार के दिन, पंडित राजूराम के नेतृत्व में गोमाताओं का विधिवत पूजन किया गया। तिलक लगाकर और माला पहनाकर, गौवंश के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इसके पश्चात, गायों को प्रेमपूर्वक गुड़, खल और प्रसाद खिलाया गया, मानो प्रकृति और संस्कृति का मिलन हो रहा हो।
भोमिया दादा सेवा समिति, जो कि 1 जुलाई 2021 को स्थापित हुई थी, प्रारंभ में खुले आसमान के नीचे गौसेवा करती थी। समिति का उद्देश्य गौवंश की सेवा करना था। अब, वर्ष 2025 में, दानदाताओं के सहयोग से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ट्रॉमा सेंटर के लिए भूमि खरीदी गई है और निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। वर्तमान में, गौवंश का उपचार और सेवा कार्य उसी स्थान पर जारी है, जो समिति के समर्पण और प्रगति का प्रतीक है।
पर्व के इस विशेष अवसर पर, समिति की बहनों – पलक भाटी, स्वाति शर्मा, ममता भाटी और मोनिका – ने सेंटर परिसर में सुंदर रंगोली सजाई, जिसने पर्व को और भी मनमोहक बना दिया। इन बहनों ने विभिन्न सेवा कार्यों में भी अपना सहयोग दिया, जो सामुदायिक भावना और सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
कार्यक्रम में गोपालक सुखराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौसेवक उपस्थित रहे। सबकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि गोमाता के प्रति प्रेम और सेवा की भावना आज भी समाज में गहराई से विद्यमान है। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व का था, बल्कि यह सामुदायिक एकजुटता और सेवा भावना का भी प्रतीक बना।