अन्नदाताओं की भूमि श्रीडूंगरगढ़ में आज किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय तक मार्च किया। भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में एकत्रित हुए किसानों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गिरदावरी में हुए कथित फर्जीवाड़े के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
किसानों का आरोप है कि गिरदावरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसके कारण वास्तविक हकदार किसान अपनी मूंगफली बेचने से वंचित रह गए हैं, जबकि कुछ बिचौलियों ने अनुचित लाभ उठाया है।
संगठन के जिलाध्यक्ष पूनमचंद नैण ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मूंगफली का बाजार मूल्य लगभग पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 7263 रुपये है। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार, एक गिरदावरी पर किसान अधिकतम 40 क्विंटल मूंगफली बेच सकता है। लेकिन इस बार, गिरदावरी में कथित फर्जीवाड़े के कारण कई किसानों को नुकसान हुआ है।
सरपंच प्रतिनिधि ज्ञानाराम ज्याणी ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कुछ बिचौलियों के पास 100-100 गिरदावरी तक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन की जानकारी में हो रहा है और इसमें सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है।
किसानों ने मांग की है कि फर्जी गिरदावरी को तत्काल रद्द किया जाए, इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जाए और गिरदावरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि सभी पात्र किसानों को लाभ मिल सके।
इस विरोध प्रदर्शन में तोलाराम कड़वासरा, मदनलाल बाना, गोविंदराम बाना, शिवलाल बाना, लेखराम कूकना, रामकिशन गावड़िया, भूरनाथ सिद्ध, सोहनलाल गोदारा, शिवनारायण सारण, मदनलाल कुलरिया सहित कई किसानों ने भाग लिया, जो अपनी मांगों को लेकर एकजुट थे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को न्याय कैसे मिलता है।