WhatsApp Menu
NH-11 पर हादसा: बिल्ली को बचाने में पलटी कार, 2 घायल  |  श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई झूलेलालजी की छठी, भजन संध्या में झूम उठा सिंधी समाज  |  26 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  तेज अंधड़ के बीच आग ने फूंक दी गृहस्थी, ढाणी में लगी आग में झोपड़े सहित सामान जलकर हुआ खाख।  |  श्रीडूंगरगढ़ मंडी से देखें सभी जिंसो के “आज के भाव”  | 

भागवत कथा जीवन में उतारे तो ही कल्याण संभव- स्वामी भास्करानंदजी

महामंडलेश्वर भास्करानंदजी महाराज ने कथा का वाचन करते हुए श्रोताओं को जीवन का सार समझाया। उन्होंने कहा कि कथा का बार-बार श्रवण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके संदेशों को जीवन में उतारना ही कल्याण का मार्ग है। महाराज जी ने कहा कि सच्ची कथा वही है जो सुनने वाले के मन को पवित्र कर दे और जीवन में हरि प्रेम का संचार करे।

महाराज ने सनातन धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेदों के अनुसार जीवन जीना ही सनातन धर्मी होना है। उन्होंने वाणी की शक्ति पर भी बल दिया और व्यर्थ बोलने से अच्छा मौन रहने को श्रेष्ठ बताया। कटु वचनों की निंदा करते हुए, प्रिय और मधुर बोलने को ही जीवन में अपनाने योग्य बताया।

कथा के दूसरे दिन युधिष्ठिर को धर्म का प्रतीक और द्रोपदी को दया की प्रतिमूर्ति बताते हुए, महाराज जी ने विभिन्न कथा प्रसंगों का उल्लेख किया। इन प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने जीवन में धर्म, दया और प्रेम के महत्व को समझाया।

शारदा सीताराम मोहता परिवार द्वारा आयोजित इस कथा में दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हर चेहरे पर भक्ति का रंग था और हर हृदय में प्रेम की उमंग। ऐसा लग रहा था मानो श्रीडूंगरगढ़ इन दिनों भक्ति और प्रेम के एक अद्भुत संगम में डूब गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़