WhatsApp Menu
रामनवमी पर कपड़े के थैले बांटे, प्लास्टिक मुक्त बीकानेर का दिलाया संकल्प  |  किए गए पवित्रगुदडी के दर्शन, शबद गायन के बाद हुआ अग्नि नृत्य  |  नेहरू पार्क में श्रीमद्भागवत कथा का छठा दिन, महा रासलीला व कृष्ण मथुरा गमन का भावपूर्ण वर्णन  |  मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर प्रशिक्षण, बीएलओ-सुपरवाइजरों को दिए जरूरी निर्देश  |  रेलवे स्टेशन समस्याओं के समाधान को लेकर एनवीपी ने केन्द्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन  | 

21 अक्टूबर का पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़, 21 अक्टूबर 2025: आज श्रीगणेश के नाम से दिन का शुभारंभ हुआ। मान्यता है कि पंचांग के श्रवण और पठन से जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

आज का पंचांग बताता है कि तिथि अमावस्या है, जो शाम 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र चित्रा रात 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। करण नाग है और पक्ष कृष्ण है। योग विश्कुम्भ तड़के 3 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। वार मंगलवार है। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर हुआ, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा। ऋतु शरद है।

पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। वहीं, राहु काल दोपहर 3 बजकर 08 मिनट से 4 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। दिशा शूल उत्तर दिशा में है।

ज्योतिषियों के अनुसार, मंगलवार के दिन क्षौरकर्म (बाल कटवाना) आयु को कम करता है। इसलिए इस दिन बाल और दाढ़ी कटवाने से बचना चाहिए। मंगलवार का दिन हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करना शुभ फलदायी होता है।

मान्यता है कि मंगलवार को हनुमान जी को लाल गुलाब, इत्र अर्पित करने और बूंदी या गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाने से भूत-प्रेत और बुरी नजर से बचाव होता है, साथ ही शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। इस दिन व्रत रखने से योग्य संतान की प्राप्ति होती है और बल, साहस और सम्मान में वृद्धि होती है।

इस वर्ष दीपावली का पर्व विशेष रहा। पंडित जी के अनुसार, 20 अक्टूबर को अमावस्या तिथि लगने के बाद प्रदोष व्यापिनी तिथि, स्थिर लग्न और निशीथ काल प्राप्त होने से महालक्ष्मी जी की पूजा करना श्रेष्ठ रहा। हालांकि, उदया तिथि के अनुसार और आज अमावस्या का मान पूरे दिन भर होने से आज भी पूजा-पाठ और उपाय फलदायी रहेंगे।

एक तिथि बढ़ जाने के कारण इस बार पांच दिवसीय दीपावली पर्व छह दिनों का हो गया है। गोवर्धन पूजा का पर्व 22 अक्टूबर को मनाया जाएगा, और भाई दूज का पर्व 23 अक्टूबर को होगा। इस प्रकार, श्रीडूंगरगढ़ में दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, और लोग पंचांग के अनुसार शुभ कार्यों को करने में लगे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़