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श्रीडूंगरगढ़: अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की श्रीडूंगरगढ़ इकाई ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। वाल्मीकि बस्ती में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और आदि कवि वाल्मीकि के जीवन और दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किए।

परिषद की इकाई अध्यक्ष भगवती पारीक ‘मनु’ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत वाल्मीकि जी की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलन से हुई। दीप मंत्रों के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में प्रांतीय उपाध्यक्ष मोनिका गौड़, श्रीराम आश्रम के संत मोहनदास महाराज, खंड कार्यवाह पवन गोहितान, अधिवक्ता पुखराज तेजी, अनिल वाल्मीकि, पवन शर्मा और अम्बिका डागा ने भाग लिया।

रामस्नेही सम्प्रदाय के मोहनदास महाराज ने वाल्मीकि जी के जीवन के कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया। मुख्य अतिथि, राजस्थानी और हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार मोनिका गौड़ ने रामायण के विभिन्न पात्रों, जैसे शबरी, निषादराज गुह, वानरराज सुग्रीव और रावण के प्रति वाल्मीकि जी के निष्पक्ष दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी की यह दृष्टि उनकी सामाजिक समानता की भावना को दर्शाती है, जहाँ हर पात्र को उसके कर्म और भावनाओं से आंका जाता है, न कि उसकी जातीय पहचान से।

मोनिका गौड़ ने आगे कहा कि वाल्मीकि का काव्य केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज में समरसता, संवाद और समन्वय का एक शाश्वत शिलालेख है। आज के युग में, जब समाज विभाजन और असमानता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, वाल्मीकि जी की यह समावेशी दृष्टि और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है।

विशिष्ट अतिथि पवन गोहितान ने वाल्मीकि शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाल्मीकि जी की तपस्या से जुड़े प्रसंगों को सुनाया। अधिवक्ता पुखराज तेजी ने वाल्मीकि समुदाय के अपने धर्म पर अडिग रहने को गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यदि हम मेहनत और शिक्षा से अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहें तो यह संभव है। धनराज तेजी ने निराकार और साकार राम का दोहे के माध्यम से उल्लेख करते हुए मंच के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान पवन शर्मा ने श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से किया।

इकाई अध्यक्ष मनु ने आभार ज्ञापन के साथ साहित्य के लक्ष्य और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और परिषद के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारी, सदस्य और वाल्मीकि बस्ती के कई लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अम्बिका डागा ने किया और समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।

श्रीडूंगरगढ़: क्षेत्र के युवा भाजपा नेता मांगीलाल गोदारा ने दिल्ली में केंद्रीय कानून मंत्री और बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात की। उन्होंने सांसद को एक पत्र सौंपकर क्षेत्र के किसानों की समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।

गोदारा ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण किसानों की पकी हुई फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद संबंधित अधिकारी खेतों तक नहीं पहुंचे और न ही उन्होंने किसानों की स्थिति का जायजा लिया।

मांगीलाल गोदारा ने सांसद से किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान काननाथ गोदारा भी उनके साथ उपस्थित थे।

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