श्रीडूंगरगढ़, 14 अक्टूबर 2025 की एक सर्द रात। हाइवे सुनसान था और हवा में हल्की सिहरन थी। तभी गांव कितासर के पास एक घटना घटी जिसने रात की खामोशी को चीर दिया। एक पिकअप, जो अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ रही थी, अचानक सड़क पर बैठी एक गाय से टकरा गई।
टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि पिकअप अपना नियंत्रण खो बैठी और बुरी तरह पलट गई। गाड़ी का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उस पिकअप में सवार तीन लोगों में से एक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य को भी चोटें आईं।
ऐसे में, जैसे देवदूत बनकर, निकट ही स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल के स्टाफ और हॉस्टल के बच्चे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए पिकअप को सीधा किया और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला। स्कूल स्टाफ ने बताया कि गाड़ी पलटने के दौरान एक व्यक्ति बाहर गिर गया था, जिसे मामूली चोटें आईं, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। स्कूल स्टाफ ने घायल गाय की भी सुध ली और उसे तुरंत पायली, रतनगढ़ गौशाला पहुंचाया, ताकि उसे उचित देखभाल मिल सके।
इसके बाद गरीब सेवा संस्थान के सेवादार एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल और चोटिल लोगों को तुरंत श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल से गंभीर रूप से घायल लिखमादेसर निवासी जगदीश और नंदकिशोर को बेहतर इलाज के लिए बीकानेर रेफर कर दिया गया।
यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि सड़क पर सावधानी कितनी ज़रूरी है। और यह भी कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है, जो मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है। टैगोर पब्लिक स्कूल के स्टाफ और गरीब सेवा संस्थान के सेवादारों ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह वाकई सराहनीय है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सब भी इस तरह की परिस्थिति में मदद के लिए आगे आएंगे?