यह स्वागत समारोह एक स्नेह मिलन का रूप ले चुका था, जहाँ बीकानेर से पधारे हरिराम बोरावड़, चांदीराम गुरिया, गणेश मेरोता, जनक कुचेरिया, डूंगरमल बोरावड़ जैसे गणमान्य अतिथियों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में श्री कुम्हार महासभा के अध्यक्ष रामचंद्र छापोला, सचिव बालचंद मीनोठिया सहित भूराराम घंटेलवाल, प्रेमसुख घोड़ेला, रामानंद बासनीवाल और नानूराम कुचेरिया जैसे सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। नंदकिशोर बासनीवाल, शिव मीनोठिया, भोजराज घोड़ेला, रमेश बासनीवाल, गुलाब बासनीवाल, सुखाराम बासनीवाल, हरिप्रसाद बासनीवाल, नारायण लखेश्वर, गुरमीत निमिवाल, विनोद कुमार घोड़ेला, गणेशमल घंटेलवाल, प्रशांत बासनीवाल, आशीष बासनीवाल, रोहित मीनोठिया और धर्म सिंह जैसे अनेक समाजजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने मूलचंद बोरावड़ को संगठन का सशक्त नेतृत्वकर्ता बताते हुए उनके मार्गदर्शन में सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत करने की बात कही। सभी ने एक स्वर में उन्हें उनके आगामी सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह आयोजन सामाजिक समरसता और संगठन की शक्ति का प्रतीक बन गया।