यह कहानी रविवार की है, जब श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस की एक टीम, जिसमें थानाधिकारी जितेंद्र कुमार स्वामी के नेतृत्व में कांस्टेबल पुनीत कुमार, रविंद्र कुमार और चंद्रपाल शामिल थे, वांछित अपराधियों की धर-पकड़ के लिए निकली। उनकी यह मुहिम जल्द ही रंग लाई, जब उन्हें मुखबिर से खबर मिली कि रीड़ी निवासी भागीरथ जाट नामक एक शख्स, जो कई वर्षों से अदालत में पेश नहीं हो रहा था और जिसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी था, इलाके में ही कहीं छिपा हुआ है।
कांस्टेबल पुनीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई और आरोपी की तलाश में जुट गई। पहले तो उसे रोही बाना इलाके में ढूंढा गया, लेकिन वह वहां नहीं मिला। फिर खबर मिली कि भागीरथ रिड़ी बस स्टैंड के पीछे भागने की फिराक में छिपा बैठा है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
कहते हैं, अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं। जैसे ही भागीरथ ने पुलिस को देखा, वह भागने लगा, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे घेर लिया और आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफल रहे। गिरफ्तारी के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भागीरथ जाट को सोमवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस गिरफ्तारी से श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपराधियों को पकड़ने और कानून का राज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह घटना न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि कानून से भागने वालों का अंत निश्चित है।