आज का दिन, रविवार, भगवान सूर्य देव को समर्पित है, जिनकी आराधना से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के पठन और श्रवण का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि तिथि के श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है, वार के श्रवण से आयु में वृद्धि होती है, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है, और करण के श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज षष्ठी तिथि दोपहर 2 बजकर 18 मिनट तक रहेगी और नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक। कृष्ण पक्ष का समय है और वरियान योग सुबह 10 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार, शुभ और अशुभ समय की गणना भी महत्वपूर्ण है। अभिजीत मुहूर्त 11:57 AM से 12:43 PM तक रहेगा। वहीं, राहु काल 04:41 PM से 06:08 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज सूर्योदय 06:32 AM पर हुआ और सूर्यास्त 06:08 PM पर होगा। ऋतु शरद है और चन्द्रोदय 10:27 PM पर होगा।
पंचांग में चन्द्रबल और ताराबल का भी उल्लेख है, जो विभिन्न राशियों के लिए शुभ और अशुभ फलदायक होते हैं।
आज के दिन भैरव जी की आराधना का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन और उनके मन्त्रों का जाप करने से समस्त भय और संकट दूर होते हैं, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है।
यह पंचांग श्रीडूंगरगढ़ ONE द्वारा प्रकाशित किया गया है, जिसके पण्डित जी से 8290814026 पर संपर्क किया जा सकता है। यह पंचांग न केवल दिन की शुभ-अशुभ घड़ियों का ज्ञान कराता है, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने में भी सहायक है।