दीपावली का पर्व नजदीक है और हर घर में खरीदारी की उमंग है। ऐसे में बच्चों ने “लर्न एंड फन स्कूल” के बैनर तले एक रैली निकाली। वे कस्बे के सम्मानित नागरिकों के घर-घर गए और उनसे स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और स्थानीय दुकानदारों से ही दीपावली की खरीदारी करने का आग्रह किया। बच्चों ने सड़क किनारे अस्थाई दुकानें लगाने वालों से भी खरीदारी करने की अपील की, ताकि उनके घरों में भी त्योहार खुशियों से मनाया जा सके।
बच्चों के हाथों में स्वदेशी और विदेशी सामानों के चित्रों वाली तख्तियां थीं। वे बाजार में लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि अपने देश का पैसा अपने देश में ही रखना क्यों ज़रूरी है। इस जागरूकता अभियान में स्कूल की प्रधानाध्यापिका विनिता सारस्वत, प्रबंधक धीरज पुरोहित और अन्य शिक्षक – ममता गुरनाणी, कुमकुम पारीक, खुशबु सारस्वत, चंचल शर्मा, वर्षा भोजक, विनिता मोरवानी, करूणा पारीक, आराधना पारीक और संग्रामसिंह – भी शामिल थे।
क्षेत्रवासियों ने बच्चों के इस प्रयास को खूब सराहा। लोगों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के दौर में जब ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ रहा है, स्थानीय बाजारों को समर्थन देना और छोटे दुकानदारों को प्रोत्साहित करना कितना महत्वपूर्ण है।
आजकल बच्चों को उनके माता-पिता हर संभव सुविधा प्रदान करते हैं। कई बार, वे बिना किसी कठिनाई का अनुभव किए ही सब कुछ पा लेते हैं, जिससे उन्हें पैसों का और अपने परिजनों द्वारा दी जा रही सुविधाओं का महत्व कम ही समझ में आता है।
शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को पैसों का महत्व समझाया गया और उन्हें अपने परिजनों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर मिला। प्रधानाध्यापिका विनिता सारस्वत ने बताया कि बच्चों को अपने घर से लाए रुपयों से उपयोगी सामान खरीदने के लिए कहा गया। उन्हें बताया गया कि पैसा कमाने के लिए लोगों को कितना संघर्ष करना पड़ता है। उन्हें निरर्थक वस्तुओं की खरीदारी से बचने और रुपयों का महत्व समझने के लिए कई उदाहरण दिए गए।
अभिभावकों ने इस सकारात्मक पहल की सराहना की। जागरूक लोगों ने भी देशहित में इस संवेदनशील संदेश को अपनाने की बात कही। सक्रिय समाजसेवी बृजलाल तावणियां सहित कई व्यापारियों ने भी स्कूल और बच्चों के इस प्रयास की प्रशंसा की।