आज श्रीडूंगरगढ़ में पंचांग के अनुसार, दिन की शुभता और ग्रहों की स्थिति का विवरण इस प्रकार है।
शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के महत्व का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि इनके श्रवण और पठन से जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
आज, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो दोपहर 04:45 तक रहेगी। नक्षत्र रोहिणी दोपहर 03:20 तक रहेगा। योग व्यतीपात दोपहर 02:06 तक है। करण तैतिल, गर 04:45 PM तक रहेगा।
सूर्योदय प्रात: 06:31 बजे हुआ और सूर्यास्त सायं 06:09 बजे होगा। चन्द्रोदय रात्रि 09:25 बजे और चन्द्रास्त रात्रि 11:09 बजे होगा। ऋतु शरद है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी उल्लेख है। अभिजीत मुहूर्त 11:57 AM से 12:43 PM तक रहेगा। राहु काल 09:26 AM से 10:53 AM तक रहेगा। दिशा शूल पूर्व दिशा में है।
ताराबल अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों के लिए शुभ है। चन्द्रबल वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन राशियों के लिए शुभ है।
दिन के विभिन्न कार्यों के लिए चोघड़िया के अनुसार समय का विभाजन किया गया है।
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांयकाल में तेल का दीपक जलाने से कुंडली की ग्रह बाधाओं का निवारण होता है। पीपल के नीचे हनुमान चालीसा का पाठ और गायत्री मंत्र का जाप भय को दूर करता है और बिगड़े कार्य बनाता है। शिवपुराण के अनुसार पिप्लाद ऋषि का स्मरण शनि की दशा में लाभकारी होता है। पिप्पलाद, गाधि, कौशिक नामों का जाप शनि देव की कृपा दिलाता है।