बैठक में लिलोठिया ने कहा कि पार्टी में उन कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाएगा जो विचारधारा के प्रति समर्पित हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।
सूत्रों के अनुसार, श्रीडूंगरगढ़ से कांग्रेस नेता और सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके विमल भाटी, और वर्तमान पीसीसी महासचिव मूलाराम भादू ने जिलाध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए अपने आवेदन लिलोठिया को सौंपे। हालांकि, बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वर्तमान जिलाध्यक्ष बिशनाराम सिहाग के नाम पर भी सहमति जताई।
बैठक में पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध, सूडसर ब्लॉक अध्यक्ष श्रीराम भादू, शहर अध्यक्ष ओमप्रकाश गुरावा, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष हरिराम बाना, कांग्रेस नेता हेतराम जाखड़, पूर्व जिला महासचिव भगवाननाथ सिद्ध, पूर्व जिला सचिव पूनमचंद नैण, पूर्व प्रधान भागूराम सहू, राधेश्याम सारस्वत, सोहनलाल महिया, सहीराम गोदारा लोढ़ेरा, रामेश्वर डोटासरा, गोरधन खिलेरी, संतोष गोदारा, हरलाल बाना, राजेश मंडा, पूर्व सरपंच रेखाराम कालवा, श्रवण मदेरणा, ओमप्रकाश मेघवाल, धर्मपाल बांगडवा, अंजू पारख सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बैठक के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम हुआ जिसने माहौल को थोड़ा गरमा दिया। पर्यवेक्षक राजेश लिलोठिया, जो पूर्व में बसपा से विधायक और कांग्रेस एसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं, ने श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पिछले विधानसभा चुनावों में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके राजेंद्र मेघवाल को अपने बराबर कुर्सी पर बैठा लिया।
चूंकि कुर्सियों की संख्या कम थी, इसलिए कुछ ब्लॉक अध्यक्षों को नीचे दरी पर बैठना पड़ा। जब बैठक शुरू हुई और ब्लॉक अध्यक्षों को कुर्सी पर बैठने के लिए आमंत्रित किया गया, तो कुर्सियां खाली न देखकर पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने सबके सामने राजेंद्र मेघवाल को कुर्सी छोड़ने के लिए कहा।
कहा जाता है कि राजेंद्र मेघवाल के उठने से पहले ही पर्यवेक्षक लिलोठिया ने उन्हें बैठे रहने और अपनी कुर्सी देने की बात कही, जिससे वहां मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया। बाद में और कुर्सियां मंगवाई गईं, लेकिन कई कार्यकर्ताओं ने इस बात पर आपत्ति जताई कि पिछले चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को इतनी अहमियत दी जा रही है।
बैठक में क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने अपने विचार रखे। इसी क्रम में श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध ने भी संगठन सृजन अभियान की गतिविधियों और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पर्यवेक्षक लिलोठिया ने उनके विचारों की सराहना की और उन्हें दोबारा बोलने के लिए कहा, जिस पर कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं। लिलोठिया ने अपने संबोधन में भी राधेश्याम के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कुल मिलाकर, श्रीडूंगरगढ़ में कांग्रेस की यह बैठक जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी और एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के साथ समाप्त हुई, जिसने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर किया। अब देखना यह है कि पार्टी आलाकमान किस चेहरे पर भरोसा जताता है और यह घटनाक्रम आगे क्या मोड़ लेता है।