श्रीडूंगरगढ़, 10 अक्टूबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ के शांत परिवेश में, एक व्यावसायिक घटना ने हलचल मचा दी है। जयपुर के हीरापुरा निवासी अंशुल गोदारा ने सेरूणा पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें जोधपुर, गाजियाबाद और कोलकाता के कुछ व्यक्तियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
अंशुल का आरोप है कि इन व्यक्तियों ने उनकी कंपनी, एग्रोसन एनर्जी लैंड डेवलपर्स के साथ छल किया। मामला एक सौर ऊर्जा प्लांट के लिए 125 बीघा भूमि तैयार करने के नाम पर शुरू हुआ। अंशुल के अनुसार, आरोपियों ने पूनरासर और राजपुरा के बीच 35 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लांट का निर्माण कार्य जारी होने की बात कही। इसके बाद, पब्लिक इश्यू लाने की बात कहकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने लीज पर ली गई भूमि के अगले 29 वर्षों के लिए 7 से 9 करोड़ रुपये का किराया चुकाने का आर्थिक बोझ और अग्रिम चेक के भुगतान की जिम्मेदारी अंशुल की कंपनी पर डाल दी। इसके अतिरिक्त, उन पर बड़े सरकारी खर्च से स्थापित ग्रिड सब-स्टेशन से आपूर्ति की जा सकने वाली 35 मेगावाट विद्युत कनेक्टिविटी को अपनी कंपनी के नाम पर आरक्षित करवाकर संभावित सौर ऊर्जा उत्पादकों को रोकने और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है।
अंशुल का कहना है कि आरोपियों ने उनकी कंपनी का समय, शांति, संपत्ति और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक रूप से भी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने 80 लाख रुपये उधार लेकर उन्हें वापस नहीं किया, जो कि अमानत में खयानत का मामला है। उनका आरोप है कि आरोपियों ने गलत जानकारी देकर उनसे पैसे हड़प लिए और धोखाधड़ी की।
सेरूणा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी पवन कुमार शर्मा को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले का पटाक्षेप कैसे होता है।