श्रीडूंगरगढ़, 9 अक्टूबर 2025। गुरुवार का दिन दुलचासर सूडसर मंडल के लिए एक विशेष अवसर लेकर आया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मंडल में पहली बार विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र में उत्साह और उमंग का संचार कर दिया।
यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक ऐसा अवसर था जिसने आसपास के गांवों के स्वयंसेवकों को एक साथ आने और राष्ट्र सेवा के प्रति अपने संकल्प को दोहराने का मंच प्रदान किया। दुलचासर, देराजसर, गोपालसर, सूडसर, टेऊ, दुसारना बड़ा, दुसारना पंडिरिकजी, और पिपासरिया जैसे गांवों से आए स्वयंसेवकों ने इस उत्सव में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य पथ संचलन से हुई। स्वयंसेवकों ने एक समान गणवेश में, हाथों में दंड लिए, कदमताल करते हुए पूरे क्षेत्र में मार्च किया। उनके घोष नाद ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। ग्रामीणों ने अपने घरों की छतों और सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वयंसेवकों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। यह दृश्य एकता और सम्मान का प्रतीक था।
संचलन के बाद, शस्त्र पूजन किया गया, जो भारतीय संस्कृति में शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इसके बाद, मुख्य बौद्धिककर्ता नोखा जिला संघचालक सुरेन्द्र सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने संघ की शताब्दी वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डाला और संघ की स्थापना के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने वर्तमान समय में संघ के कार्यों और महत्व पर भी चर्चा की, और स्वयंसेवकों को पंच प्रण के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्होंने शताब्दी वर्ष के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में भी बताया।
सुरेन्द्र सिंह जी का भाषण प्रेरणादायक था, जिसने स्वयंसेवकों को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने और उसे निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने संघ के सिद्धांतों और मूल्यों को आत्मसात करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
यह उत्सव न केवल एक सफल आयोजन था, बल्कि इसने क्षेत्र में संघ के प्रति जागरूकता और सम्मान को भी बढ़ाया। इसने स्वयंसेवकों को एक साथ आने, विचारों का आदान-प्रदान करने और राष्ट्र सेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का अवसर प्रदान किया।
अगले दिन, शुक्रवार को गुसाईंसर बड़ा, उदरासर, धनेरू मंडल सहित नगर में मोमासर बास बस्ती में विजयदशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में राष्ट्र प्रेम और सेवा भाव की भावना को और भी प्रबल करेगा।