प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की गति इतनी अधिक थी कि चालक को पशुओं को बचाने का अवसर ही नहीं मिला। घटना के बाद, ट्रक चालक ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने पीछा करके उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँच गए। बुधवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
बजरंग दल के प्रखंड संयोजक महेंद्र राजपूत ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश को कुचलने की यह कोई पहली घटना नहीं है। राजपूत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो गौ रक्षक संगठनों को अपने स्तर पर कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषी पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
ज्ञापन सौंपने वाले कार्यकर्ताओं में पवन व्यास, मोहित बोरड़, ओम सिंह राजपुरोहित, योगेश सारस्वत, सौरभ करण जाड़ीवाल, मनीष गिरी, ओमपाल सिंह जोधासर, विष्णु नाई, किशन पूरी, गोविंद माली, गोपी मेघवाल, शुभम बोथरा, अनिल जाड़ीवाल, और गौरव सहित कई अन्य लोग शामिल थे। इस घटना ने क्षेत्र में पशु सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर एक गंभीर बहस को जन्म दे दिया है।