यह प्रदर्शन आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर के पंजीकरण को रद्द करने और चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अस्पताल प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। कूकणा ने अपने संबोधन में प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की।
कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। सूत्रों के अनुसार, स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद झड़प शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड गिरा दिए और कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो लाठीचार्ज का सहारा लिया गया। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पत्थरबाजी की, जिससे माहौल और भी उत्तेजित हो गया।
इस घटना में रामनिवास कूकणा और उनके कुछ समर्थकों को चोटें आई हैं। पुलिस ने कूकणा, महेंद्र गहलोत सहित 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है, और पुलिस स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कड़ी निगरानी रख रही है।
यह घटना श्रीडूंगरगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन की प्रतिक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों को उजागर करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।