श्रीडूंगरगढ़ से आज, 7 अक्टूबर, 2025 को, सनातन पंचांग के अनुसार दिन की शुभता और मुहूर्त की जानकारी प्रस्तुत है। आज का दिन मंगलवार है, जो हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, आज तिथि पूर्णिमा है, जो सुबह 9:18 तक रहेगी, तत्पश्चात प्रतिपदा का आरंभ होगा। नक्षत्र रेवती है, जो देर रात 1:28 तक विद्यमान रहेगा। योग घ्रुव सुबह 9:31 तक रहेगा, जिसके बाद व्याघात योग लगेगा। करण बव सुबह 9:18 तक और उसके बाद बालव है।
पंचांग का श्रवण और पठन शास्त्रों में कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि तिथि के श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, वार के श्रवण से आयु में वृद्धि होती है, नक्षत्र के श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और करण के श्रवण से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज सूर्योदय सुबह 6:29 पर हुआ और सूर्यास्त शाम 6:13 पर होगा। चंद्रोदय शाम 6:15 पर होगा, जबकि चंद्रास्त नहीं है। ऋतु शरद है और चन्द्र राशि मीन है, जो देर रात 1:28 तक रहेगी।
आज के शुभ समय में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 से दोपहर 12:45 तक रहेगा। वहीं, अशुभ समय में दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला/अर्द्धयाम, यमगण्ड और गुलिक काल रहेंगे, जिनमें शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा।
ताराबल अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों के लिए अनुकूल है, जबकि चन्द्रबल वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन राशियों के लिए शुभ है।
आज के दिन मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी होगी। मान्यता है कि इस दिन हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करने से भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है, शत्रु परास्त होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हनुमान जी को लाल गुलाब, इत्र और बूंदी या गुड़ चने का प्रसाद अर्पित करना शुभ माना जाता है। मंगलवार का व्रत सुयोग्य संतान की प्राप्ति और बल, साहस व सम्मान में वृद्धि करने वाला माना गया है।
इसके अतिरिक्त, आज धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से मुकदमों और राजद्वार में सफलता मिलती है, साथ ही उत्तम भूमि और भवन का सुख प्राप्त होता है।
आज पूर्णिमा का पुण्यकाल है और साथ ही वाल्मीकि जयंती और मीरा बाई जयंती भी मनाई जा रही है।