उत्सव का आरंभ बाना ग्राम में पथ संचलन से हुआ। स्वयंसेवकों ने संघ की पूर्ण गणवेश में सजे हुए, कदमताल करते हुए गाँव की गलियों में मार्च किया। इस दौरान संघ का घोष वातावरण में गूंजता रहा, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र था। ग्रामवासियों ने भगवा ध्वज पर पुष्प वर्षा करके पथ संचलन का स्वागत किया, मानो उनके हृदय में राष्ट्रभक्ति का भाव उमड़ रहा हो।
पथ संचलन के उपरांत विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें शस्त्र पूजन भी सम्मिलित था। इस अवसर पर त्रिखंड प्रचारक सुरेश कुमार ने मुख्य बौद्धिक वक्ता के रूप में उपस्थित रहकर स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने संघ की शताब्दी वर्ष यात्रा, स्थापना के उद्देश्य, पंच प्रण और शताब्दी वर्ष में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संघ की विचारधारा और देश के प्रति उसके समर्पण को रेखांकित किया।
यह विशेष उल्लेखनीय है कि बाना ग्राम में यह पहला अवसर था जब संघ का पथ संचलन आयोजित किया गया। इस आयोजन ने गाँव में एक नए उत्साह का संचार किया।
आने वाले दिनों में तोलियासर, इंदपालसर, धर्मास मंडल और श्रीडूंगरगढ़ नगर में भी पथ संचलन और विजयदशमी उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जो निश्चित रूप से क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति के रंग को और गहरा करेंगे। इन आयोजनों के माध्यम से संघ का उद्देश्य है कि समाज में एकता, अनुशासन और देश प्रेम की भावना को जागृत किया जाए।