श्रीडूंगरगढ़, 6 अक्टूबर 2025। लोकदेवता वीर बिग्गाजी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा का माहौल था, धड़ देवली गांव में बिग्गा दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ था। इसी पावन अवसर पर, गांव ठुकरियासर निवासी सुखी देवी पत्नी रूघाराम जाखड़ शनिवार को वीर बिग्गाजी के दर्शन करने मंदिर पहुंची।
सुखी देवी के मन में भक्ति का भाव उमड़ रहा था, वे मेले की चहल-पहल में खोई हुई थीं। इसी दौरान, दुर्भाग्यवश, उनके गले से सोने की कंठी कहीं गिर गई और खो गई। यह कंठी सिर्फ एक आभूषण नहीं थी, बल्कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी, एक स्मृति थी, एक विरासत थी।
जब सुखी देवी को कंठी के खोने का अहसास हुआ तो उनकी चिंता बढ़ गई। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना मेले में प्रसारित करवाई, उम्मीद थी कि शायद किसी को मिले तो वापस मिल जाए। राकेश जाखड़ ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कंठी मिले तो वे 6377687416 पर संपर्क कर उनकी मदद करें।
वीर बिग्गाजी महाराज के मेले में आस्था और उत्साह का वातावरण था, लेकिन सुखी देवी के लिए यह दिन एक अनपेक्षित चिंता लेकर आया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सुखी देवी को उनकी कंठी वापस मिल पाएगी। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन में छोटी-छोटी चीजें भी कितनी महत्वपूर्ण होती हैं और हमें उनका कितना ध्यान रखना चाहिए।