उदरासर की रोही के किसान रूपदास बताते हैं कि उनके खेत में पानी भरने से उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसान रावताराम पंचारिया के अनुसार, खड़ी बाजरी और खेतों में पड़ी मूंग-मोठ की फसलें अब कौड़ी के भाव भी बिकने लायक नहीं रहीं।
किसानों का कहना है कि इस बार फसल की पैदावार बहुत अच्छी हुई थी। उन्होंने फसलों की कटाई भी कर ली थी, और उन्हें सूखने के लिए खेतों में रखा था। लेकिन, फसल को घर लाने से पहले ही बरसात ने उनके सारे सपनों पर पानी फेर दिया। कल तक जो किसान परिवार अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे थे, वे अब छह महीने की मेहनत बर्बाद होने से निराश हैं।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे क्षेत्र में 8 से 10 अंगुल तक बारिश दर्ज की गई है। विभाग के सहायक निदेशक रघुवर दयाल सुथार ने बताया कि इस बरसात से निश्चित रूप से नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आज ही उनकी टीम खेतों में जाकर नुकसान का आकलन करेगी।
क्षेत्र के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ी है। अंचल की उत्तरी रोही के गांवों में कातरे (कीट) ने फसलों को खूब नुकसान पहुंचाया। किसानों को कई जगह दोबारा बुवाई करनी पड़ी, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ गई। अब जब अच्छी फसल की उम्मीद जगी थी, तो बरसात ने हालात और भी विकट कर दिए हैं। किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। किसानों ने अच्छी फसल से अपने रुके हुए कार्यों को पूरा करने के सपने संजोए थे।
बरसात का कहर गरीबों पर भी टूटा है। तोलियासर मेले में लगी अस्थाई दुकानों का सामान तेज बारिश में भीग गया। दुकानदारों ने पास की दुकानों और घरों के छज्जों के नीचे शरण ली, लेकिन उनका सामान भीगने से मेले में होने वाली खरीददारी की उम्मीद भी धूमिल हो गई। इससे छोटे दुकानदार बेहद परेशान हैं।