कार्यशाला के प्रभारी विनोदगिरी गुसाईं ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “हर घर तक स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को पहुंचाने की मुहिम चलाना हमारा कर्तव्य है।” उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए आत्मनिर्भर भारत को एक महत्वपूर्ण मार्ग बताया। गुसाईं ने आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी अपनाकर देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
देहात मंडल अध्यक्ष महेंद्रसिंह लखासर ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को देश की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि “आज के आर्थिक युग में इसका महत्व और भी बढ़ गया है। हम सभी देशवासियों को मिलकर एक मजबूत भारत के निर्माण के लिए प्रयास करने होंगे।”
कार्यशाला में झंझेऊ के सरपंच भागीरथसिंह तंवर, मंडल महामंत्री नौरंगनाथ सिद्ध, राजेंद्रसिंह, उत्तमनाथ सिद्ध, दानाराम महिया, जोराराम बरोड़, सीताराम कल्याणसर, गणेशसिंह राजपुरोहित, और भगवानसिंह लखासर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में स्वदेशी को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
इस कार्यशाला ने श्रीडूंगरगढ़ में आत्मनिर्भर भारत के संदेश को और भी सशक्त रूप से पहुंचाया है। यह स्वदेशी की भावना को जागृत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।