श्रीडूंगरगढ़, 4 अक्टूबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र आज भक्ति और श्रद्धा के रंगों में सराबोर है। गौ रक्षक श्री वीर बिग्गाजी महाराज की पावन शौर्य पीठ, धड़ देवली धाम (बिग्गा) में शनिवार से दो दिवसीय मेले का शुभारंभ हो गया है। असोज शुक्ल पक्ष की द्वादशी और त्रयोदशी तिथि पर आयोजित होने वाले इस मेले में दूर-दूर से भक्त उमड़ रहे हैं, मानो आस्था का एक सागर श्रीडूंगरगढ़ की ओर बह चला हो।
जैसे ही सूर्य ने अपनी सुनहरी किरणें बिखेरनी शुरू कीं, धाम परिसर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। वीर बिग्गाजी महाराज का निज मंदिर, पीथल माता का मंदिर और देवली धाम, तीनों ही विशेष रूप से सजाए गए हैं, जो श्रद्धा और भक्ति का अद्वितीय संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।
आज रात, धाम पर एक विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। सुप्रसिद्ध भजन गायिका अर्चना देवी और रमेश बांगड़वा एंड पार्टी अपनी मधुर आवाज और भक्तिमय संगीत से वीर बिग्गाजी महाराज के भजनों की प्रस्तुति देंगे, जिससे वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो जाएगा।
मेले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पैदल और वाहनों से पहुंच रहे हैं। ऐसा लग रहा है, मानो हर दिशा से आस्था की धाराएँ श्रीडूंगरगढ़ की ओर प्रवाहित हो रही हैं।
वीर बिग्गाजी मानव सेवा संस्थान ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिजली, पानी, लंगर, मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं की पूरी व्यवस्था की है। दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ में अनुशासन बना रहे। सूत्र बताते हैं कि संस्थान हर संभव प्रयास कर रहा है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मेला स्थल पर प्रसाद, खिलौने, चाय-नाश्ता, कृषि औजार जैसी सैकड़ों दुकानें सजी हुई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस जवानों के साथ वीर बिग्गाजी सेवादल के कार्यकर्ता भी सेवा में जुटे हैं। हर तरफ भक्ति का माहौल है, जिससे मन को शांति और सुकून मिल रहा है।
सातलेरा से धाम तक दो किलोमीटर के रास्ते पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। आस-पास के गांवों के ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दृश्य भारतीय संस्कृति में अतिथि देवो भवः की भावना को साकार करता है।
दो दिवसीय मेले में आने वाले हर श्रद्धालु के लिए निःशुल्क महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया गया है। यह भंडारा सभी के लिए खुला है, और इसमें हर कोई प्रसाद ग्रहण कर सकता है।
शीश देवली धाम रीड़ी में भी शनिवार से दो दिवसीय मेला शुरू हो गया है। मंदिर को रोशनी से सजाया गया है। शाम को यहां एक शाम श्री वीर बिग्गाजी के नाम विशाल जागरण होगा। प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा महाराज का यशोगान किया जाएगा।
दोनों धामों पर शुक्रवार से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। आज से आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। यह मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी प्रतीक है।