शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया। अनुशासित स्वयंसेवकों का संचलन गांव की मुख्य गलियों से निकला, जहाँ भगवा ध्वज के साथ ग्रामवासियों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। संघ घोष की लयबद्ध ध्वनि पूरे वातावरण में गूंज रही थी, जो राहगीरों के कानों में भी देशभक्ति का संचार कर रही थी।
संचलन के उपरांत शस्त्र पूजन विधि-विधान से किया गया। इसके बाद विजयदशमी उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में त्रिखंड प्रचारक सुरेश कुमार ने अपने विचारों से श्रोताओं को अवगत कराया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौरवशाली शताब्दी वर्ष यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने संघ की स्थापना के उद्देश्यों, वर्तमान में हो रहे कार्यों के विस्तार, पंच प्रण और भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
गाँव में पहली बार इस तरह के आयोजन को लेकर स्वयंसेवकों और ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखा गया। हर चेहरे पर एक संतोष का भाव था, मानो एक नई शुरुआत हुई हो। यह आयोजन निश्चित रूप से बापेउ के निवासियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा।