यह निर्णय 2025 के मानसून सत्र में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुए विद्यालय भवनों की तात्कालिक मरम्मत और पुनर्स्थापना के उद्देश्य से लिया गया है। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय को दो-दो लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपनी ज़रूरतों के अनुसार मरम्मत कार्य करवा सकेंगे।
प्रशासन ने इस संबंध में तत्परता दिखाते हुए आगामी सात दिनों में इन विद्यालयों से तकमीना (अनुमानित लागत) मांगा है। यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में स्वीकृत राशि का उपयोग केवल मरम्मत कार्यों के लिए किया जाएगा और इसमें कोई नया निर्माण कार्य शामिल नहीं होगा।
ज्ञात हो कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के कई विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में हैं। भारी बारिश के चलते इन्हें काफी नुकसान पहुंचा था।
रीड़ी का अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कालूबास का माहेश्वरी बालिका स्कूल, मोमासर बास बालिका स्कूल जैसे कई विद्यालय ऐसे हैं, जिन्हें नए भवन निर्माण का इंतजार है। वर्तमान में, इन विद्यालयों को दो लाख रूपए की मरम्मत राशि से ही संतोष करना होगा।
हालांकि, यह राशि इन जर्जर भवनों को तत्काल राहत प्रदान करेगी और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में सहायक होगी। अब देखना यह है कि यह मरम्मत कार्य इन विद्यालयों की ज़रूरतों को पूरा करने में कितना सफल होता है।