श्रीडूंगरगढ़, 1 अक्टूबर 2025। जैसे-जैसे जीवन की संध्या गहराती है, अनुभव की गठरी और भी भारी होती जाती है। ऐसे ही अनुभवों के जीवंत दस्तावेज, हमारे शतायु मतदाता, आज लोकतंत्र के मंदिर में विशेष रूप से सम्मानित हुए। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के पावन अवसर पर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार, जिले की मतदाता सूची में दर्ज सौ वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया गया।
यह दिन मानो अतीत को वर्तमान से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास था। जिले में पंजीकृत 445 शतायु मतदाताओं को माला पहनाई गई, और उन्हें मुख्य निर्वाचन अधिकारी का शुभकामना संदेश दिया गया। यह केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उनके जीवन भर के योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक थी।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचे और इन वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया। श्रीडूंगरगढ़ में 81 शतायु मतदाताओं का सम्मान किया गया। निर्वाचन अधिकारी शुभम शर्मा, नायब तहसीलदार रमेशसिंह चौहान और निर्वाचन टीम के सदस्यों, लीलाराम मीणा, नूजल इस्लाम काजी, गोपालराम, मुकेश कुमार, और जितेंद्र भोजक ने घर-घर जाकर शतायु मतदाताओं को सम्मानित किया। ग्रामीण स्तर पर भी बूथ लेवल अधिकारियों ने इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आंकड़ों की बात करें तो, खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में 85, बीकानेर पश्चिम में 8, बीकानेर पूर्व में 11, कोलायत में 82, लूणकरणसर में 58, और नोखा विधानसभा क्षेत्र में 120 शतायु मतदाता हैं, जिनका आज अभिनंदन किया गया।
यह सम्मान समारोह न केवल इन वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर था, बल्कि यह भी याद दिलाने का दिन था कि लोकतंत्र में हर एक नागरिक का महत्व है, चाहे उसकी उम्र कितनी भी हो। ये शतायु मतदाता हमारे समाज के वो नींव हैं, जिन्होंने अपने जीवन के अनुभवों से हमें दिशा दी है। आज, उनका सम्मान करके, हमने अपने अतीत को नमन किया और भविष्य के लिए एक प्रेरणा प्राप्त की।