कल्याणसर नया, श्रीडूंगरगढ़। लोकतंत्र की जड़ों को सींचने वाले सच्चे नागरिक, वे मतदाता जो न केवल जीवित इतिहास हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं। ऐसे ही दो शख्सियतों, मोहिनी देवी और सुगनी देवी का आज राउमावि कल्याणसर नया में सम्मान किया गया।
निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में गांव की 104 वर्षीय मोहिनी देवी और सुगनी देवी को शॉल ओढ़ाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी उम्र का प्रतीक था, बल्कि उनके उस अटूट विश्वास का भी प्रतीक था जो उन्होंने लोकतंत्र में बनाए रखा है।
बूथ लेवल अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने बताया कि इस अवसर पर सरपंच जेठी देवी, उनके प्रतिनिधि और विद्यालय के प्राचार्य नंदराम सिद्ध भी उपस्थित थे।
प्राचार्य नंदराम सिद्ध ने इस अवसर पर कहा कि मतदाताओं का उत्साह ही लोकतंत्र के पर्व, मतदान को सफल बनाता है। उन्होंने युवा मतदाताओं को शतायु मतदाताओं से प्रेरणा लेने और शत प्रतिशत मतदान करने और करवाने का आह्वान किया। उनकी यह बात सुनकर लगा कि वे लोकतंत्र के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और चाहते हैं कि युवा पीढ़ी भी इसे समझें।
जब संतोष कुमार सोनी ने मोहिनी देवी से वोट के बारे में पूछा, तो उन्होंने खुशी से वोट देने की बात कही। उनकी यह बात सुनकर उपस्थित लोगों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। यह क्षण दर्शाता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, और लोकतंत्र में भागीदारी की भावना किसी भी उम्र में कम नहीं होनी चाहिए।
यह सम्मान समारोह एक साधारण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस अटूट रिश्ते का प्रतीक था जो मतदाता और लोकतंत्र को आपस में जोड़ता है। यह हमें याद दिलाता है कि हर वोट महत्वपूर्ण है, और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग करे।