श्रीडूंगरगढ़, 1 अक्टूबर 2025। शरद ऋतु की गुनगुनी धूप और हवा में घुली भक्ति की सुगंध, यह नवरात्रि का समय है। माँ दुर्गा की शक्ति की आराधना और दशहरे का पर्व, जो बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का प्रतीक है, दस्तक दे रहा है। श्रीडूंगरगढ़ भी इस उत्सव के रंग में सराबोर है।
कल, सरदारशहर रोड पर स्थित दशहरा मैदान में रावण दहन का भव्य आयोजन किया जाएगा। दशहरा समारोह समिति ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इस वर्ष 61 फुट ऊँचा रावण बनाया गया है, जो अपनी विशालता में दर्शकों को आश्चर्यचकित करेगा। रावण के भीतर विभिन्न प्रकार के पटाखे भरे गए हैं, जिन्हें विशेष रूप से सजाया गया है, ताकि आतिशबाजी का नज़ारा और भी शानदार हो।
समिति के संजय करनाणी, सुरेश मूंधड़ा व ललित बिहाणी ने बताया कि इस वर्ष भी दशहरा पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरुवार शाम को बिग्गाबास के गणेश मंदिर से देवी-देवताओं की सुंदर झांकियों के साथ एक शोभायात्रा निकलेगी। यह शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई दशहरा मैदान पहुंचेगी। शाम 6:30 बजे रावण दहन किया जाएगा, जो बुराई के अंत और सत्य की स्थापना का प्रतीक होगा।
समिति सदस्यों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस समारोह में शामिल हों। यह एक ऐसा अवसर है, जहाँ हम अहंकार को त्यागने, धैर्य और सहृदयता को अपनाने और सत्य की जीत पर विश्वास रखने का संदेश देते हैं।
समिति द्वारा आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अनुमान है कि श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के गांवों से हजारों लोग रावण दहन देखने के लिए दशहरा मैदान पहुँचेंगे। यह उत्सव न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह हमें जीवन में सकारात्मकता और नैतिकता का मार्ग चुनने की प्रेरणा भी देता है।