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श्रीडूंगरगढ़ के होनहार, जिन्होंने गौरवान्वित किया अंचल को देखें सभी प्रतिभाओं के फोटो और करें सराहना। भाग- 2  |  चैत्र चतुर्दशी को तोलियासर में उमड़े श्रद्धालु, मंदिर में भारी भीड़  |  प्रवेशार्थियों को मिलेंगे फीस छूट छात्रवृत्ति, ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और उपहार, यहां देखें अपना रिजल्ट…  |  फांसी का फंदा लगाकर युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त की।  |  1 अप्रैल 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  | 

1 अक्टूबर 2025 का पंचांग साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ

श्री गणेशाय नमः।

आज, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आकाश में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का वास है, जो प्रातः 8 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इसके उपरांत दिन की गति उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगी।

पंचांग के अनुसार, आज का करण बालव और कौलव है। योग अतिगंड है, जो रात्रि 00:34 तक रहेगा। वार बुधवार है, जो बुध ग्रह को समर्पित है।

ज्योतिष शास्त्र में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि नित्य पंचांग के श्रवण और पठन से जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

आज सूर्योदय प्रातः 06:26 पर हुआ और सूर्यास्त सायं 06:20 पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 02:39 पर होगा और चंद्रास्त अगली सुबह 01:06 पर होगा। ऋतु शरद है और चंद्रमा धनु राशि में विराजमान हैं।

आज के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो, राहु काल दोपहर 12:23 से 01:52 तक रहेगा। दिशा शूल उत्तर दिशा में है।

आज दुर्गा नवमी (महानवमी) है, जो नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत का समापन है। साथ ही, आज आयुध पूजन भी किया जाएगा।

पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अतिरिक्त, बुधवार को सभी ग्रहों के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, और धन लाभ होता है।

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