खेतों में मोठ, बाजरा और मूंग की फसलें पक कर सुनहरी हो चुकी हैं और किसान लावणी (कटाई) में जुटे हैं। ऐसे में बारिश की आशंका मानो उनकी मेहनत पर पानी फेरने को तैयार है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव सातलेरा में एक किसान परिवार को अपनी फसल काटते देखा जा सकता है, जिनके चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ झलक रही है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक बरसात की संभावना जताते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के अनुसार, 3 अक्टूबर तक अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, सिरोही, तिजारा, कोटा, करौली सहित कई जिलों में बरसात और वज्रपात की आशंका है।
सातलेरा गांव के किसान किशनलाल जाखड़ कहते हैं, “खेतों में फसलें पूरी तरह पक चुकी हैं। अब अगर तेज बरसात होती है तो फसलें गिर सकती हैं और नुकसान की संभावना ज्यादा है।” उनका कहना है कि कटाई के साथ-साथ फसल भंडारण में भी दिक्कत आ सकती है।
सोमवार रात को श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम में नमी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो फसलें खेतों में ही खराब हो सकती हैं।
इस नाजुक स्थिति को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे फसलों की जल्द कटाई करें और सुरक्षित स्थान पर भंडारण की व्यवस्था करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके। यह समय किसानों के लिए धैर्य और सतर्कता का है। मौसम की अनिश्चितता के बीच उनकी उम्मीदें आसमान की ओर टिकी हैं।