फर्म के प्रोपराइटर मदनलाल सोनी के अनुसार, यह घटनाक्रम 4 अगस्त 2025 को शुरू हुआ। दिनेश सोनी, जो कि बीकानेर के निवासी हैं और वर्तमान में रतनगढ़ तहसील के बीनादेसर में रह रहे हैं, ने जगदम्बा ज्वैलर्स से 89.770 ग्राम सोने के आभूषण खरीदे थे। उस दिन सोने का भाव 9044.66 रुपये प्रति ग्राम था, जिसके अनुसार कुल बिल राशि 8,36,297.32 रुपये बनी।
सोनी ने बताया कि दिनेश सोनी ने भुगतान के लिए 8 अगस्त 2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा, राजलदेसर शाखा का चेक नंबर 000011 उनकी फर्म को सौंपा था। जब यह चेक भुगतान के लिए AU स्माल फाइनेंस बैंक, श्रीडूंगरगढ़ शाखा में जमा किया गया, तो 11 अगस्त 2025 को बैंक ने “अपर्याप्त धनराशि” के कारण उसे अस्वीकृत कर दिया, यानी चेक बाउंस हो गया।
चेक बाउंस होने के बाद, मदनलाल सोनी ने 14 अगस्त 2025 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक कानूनी नोटिस जारी किया। बताया जाता है कि यह नोटिस 20 अगस्त 2025 को अभियुक्त दिनेश सोनी को प्राप्त भी हो गया था। कानूनी नियमों के अनुसार, दिनेश सोनी को 15 दिनों के भीतर भुगतान करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कानूनी नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद, जगदम्बा ज्वैलर्स ने श्रीडूंगरगढ़ न्यायालय में परिवाद-पत्र दाखिल करके दिनेश सोनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परिवाद में कहा गया है कि अभियुक्त ने यह जानते हुए भी कि खाते में पर्याप्त पैसे नहीं हैं, चेक जारी किया। फर्म ने न्यायालय से आग्रह किया है कि दिनेश सोनी को दोषी ठहराया जाए और उन्हें 8,36,297.32 रुपये की राशि और उस पर उचित मुआवजा दिलाया जाए।
इस मामले की सुनवाई अब ए.सी.जे.एम. श्रीडूंगरगढ़ की अदालत में होगी। देखना दिलचस्प होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या रिश्तों की यह उलझन कानूनी दांव-पेंचों में सुलझ पाती है या नहीं।