श्रीडूंगरगढ़, 28 सितंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ में अणुव्रत समिति एक नई ऊर्जा के साथ अपने कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। आगामी 30 सितंबर, मंगलवार को कस्बे के तेरापंथ भवन (उपरलो) में नवनिर्वाचित कार्यसमिति का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
यह समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम है, बल्कि अणुव्रत के सिद्धांतों को जीवन में उतारने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक संकल्प भी है।
शाम 7 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में साध्वी संगीतश्री, डॉ. परम प्रभा, शांतिप्रभा, कमल विभा और साध्वी श्रेयसप्रभा का सान्निध्य प्राप्त होगा, जो निश्चित रूप से नई टीम को मार्गदर्शन देगा। अणुव्रत विश्व भारती से राज्य प्रभारी अशोक चौरड़िया और किडजोन राष्ट्रीय संयोजक चमन दुधोडिया शपथ ग्रहण अधिकारी के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अणुव्रत संसदीय मंच के संयोजक और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल शिरकत करेंगे, जबकि श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार और श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष मानमल शर्मा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान होंगे।
समिति के उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने बताया कि पिछले दिनों हुए सर्वसम्मति से चुनावों में सुमति कुमार पारख को अध्यक्ष और एडवोकेट रणवीरसिंह खीची को मंत्री चुना गया था। इसके बाद एक नई कार्यसमिति का गठन किया गया है, जिसमें 8 पदाधिकारी और 13 सदस्य शामिल हैं। क्षेत्र के पांच वरिष्ठ नागरिकों को संरक्षक और पांच को परामर्शक का जिम्मा सौंपा गया है, जो समिति को अपने अनुभव और ज्ञान से लाभान्वित करेंगे।
समारोह में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के बाद स्नेह भोज का आयोजन भी किया जाएगा, जहाँ सभी लोग आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ भोजन करेंगे।
अध्यक्ष: सुमति कुमार पारख
मंत्री: एडवोकेट रणवीरसिंह खीची
उपाध्यक्ष प्रथम: सत्यनारायण स्वामी
उपाध्यक्ष द्वितीय: मनोज गुंसाई
उपमंत्री: संजय पारीक
कोषाध्यक्ष: प्रमोद शर्मा
संगठन मंत्री: अशोक झाबक
प्रचार मंत्री: मनीष नौलखा
कार्यसमिति सदस्य: विशाल स्वामी, विमल भाटी, केएल जैन, कुंभाराम घिंटाला, पवन सेठिया, बजरंगलाल भामूं, एडवोकेट अनिल धायल, नारायण सारस्वत, प्रमोद सारस्वत, मुकेश स्वामी, विक्रम मालू, करणीसिंह बाना और चिमन श्रीमाल।
संरक्षक: विजयराज सेठिया, तुलछीराम चौरड़िया, मोहनलाल सिंघी, छतरसिंह बोथरा, भिकमचंद पुगलिया (जयपुर)।
परामर्शक: महावीर माली, जगदीश स्वामी, राजीव श्रीवास्तव, शुभकरण पारीक, विजय महर्षि।
यह नई टीम अणुव्रत के मूल्यों को आगे बढ़ाने और श्रीडूंगरगढ़ में सामाजिक समरसता और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।