घटनास्थल पर पहुंचे गांव रीड़ी निवासी और ग्राम विकास अधिकारी सीताराम जाखड़ ने मानवता की मिसाल पेश की। सीताराम अपने भाई लालाराम और बाना निवासी युवक रामपाल के साथ कल्याणसर ड्यूटी पर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त कार और लोगों की भीड़ देखी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, सीताराम ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्परता दिखाई। उन्होंने अपने साथियों की मदद से घायलों को सड़क से उठाया और अपनी कार में लादकर तुरंत श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल घायलों का इलाज शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, दोनों घायल लाडनू निवासी हैं। गंभीर रूप से घायल इकबाल खान को प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर कर दिया गया।
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने सीताराम जाखड़ और उनके साथियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि जहाँ लोग अक्सर एम्बुलेंस के आने का इंतजार करते हैं, इन तीनों युवकों ने मानव जीवन को बचाने को प्राथमिकता दी, जो सराहनीय है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी के आमिर क्यामखानी ने कहा कि इन युवकों का यह कार्य अनुकरणीय है और दिखाता है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना सबसे बड़ा मानवीय धर्म है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि संकट की घड़ी में तत्परता और संवेदनशीलता से काम लेने पर किसी का जीवन बचाया जा सकता है। सीताराम जाखड़ और उनके साथियों ने साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है।