छात्रावास के प्रतिनिधि सुशील सेरडिया ने जानकारी दी कि इन प्रतियोगिताओं में लगभग 170 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने राष्ट्र और समाज से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, जिनमें उनकी समझ और संवेदनशीलता झलक रही थी।
इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 29 सितम्बर को होने वाली श्रद्धांजलि सभा और प्रतिभा सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। यह समारोह स्व. लूणाराम सारण के जीवन और उनके आदर्शों को याद करने का एक अवसर होगा, साथ ही छात्रों को उनकी मेहनत और लगन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डूंगरराम गोदारा, हरिराम सहू, हंसराज गोदारा और पेमाराम चोटिया सहित कई लोगों ने अपना सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट श्याम सुंदर आर्य, लक्षणराम खिलेरी, चाँदराम चाहर, कानाराम तरड़, जगदीश स्वामी, संगीता बेनीवाल और दयानंद बेनीवाल जैसे गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया। यह आयोजन न केवल स्व. लूणाराम सारण को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक माध्यम था, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का भी एक मंच था।