यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है, जो सदियों से चली आ रही है। यह उन असंख्य भक्तों की आस्था का प्रतीक है, जो वीर बिग्गाजी महाराज को अपने रक्षक और मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं।
आगामी 4 और 5 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस मेले में, श्री बिग्गाजी महाराज के प्रति श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
पहले दिन, यानी 4 अक्टूबर की रात, एक भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस रात्रि जागरण में, क्षेत्र के कोने-कोने से श्रद्धालु एकत्रित होंगे और पूरी रात भक्ति के सागर में गोते लगाएंगे।
5 अक्टूबर को सवामणी और मेले का आयोजन होगा। भक्तजन यहां प्रसाद ग्रहण करेंगे और दादाजी से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता पुरनाथ सिद्ध जाखड़ ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और वे इस बात को सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि हर भक्त को सुखद अनुभव हो।
जागरण की रात को यादगार बनाने के लिए, सुप्रसिद्ध भजन गायकों को आमंत्रित किया गया है। अनिल सैन, दौलत गर्वा, पूजा जांगिड़, तुलसीराम बोड़वा और ओपी हटिला जैसे कलाकार अपनी मधुर वाणी से समां बांधेंगे।
वहीं, नृत्य कलाकार खुशी चौधरी, ममता भारती, विक्की चौधरी और मनीषा जाखड़ अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर देंगे। इसके साथ ही, प्रसिद्ध झांकी ग्रुप द्वारा धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होंगी।
दोनों मंदिरों में मेले और जागरण को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थाएं पुख्ता की जा रही हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर भक्त सुख और शांति से दादाजी के दर्शन कर सके, इसके लिए आयोजन समिति दिन रात एक कर रही है।