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दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा श्रीडूंगरगढ़ में सर्वाधिक, शाम 6 से 9 के बीच होती है दुर्घटनाएं अधिक, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

श्रीडूंगरगढ़, 26 सितंबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ सहित पूरे जिले में सड़क सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनकर उभरा है। शुक्रवार को जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक हुई, जहाँ इस विषय पर गहन चर्चा हुई।

बैठक में आई रैड डीआरएम महेश कुमार शर्मा ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जयपुर रोड पर कट बंद करने से दुर्घटनाओं में कमी आई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले चार सालों में बीकानेर जिले में दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2024 तक दुर्घटनाओं की संख्या क्रमशः 435, 499, 569 और 584 रही, जबकि मृतकों की संख्या इसी अवधि में 338, 369, 360 और 389 तक पहुँच गई।

श्री शर्मा ने बताया कि जिले में सबसे ज़्यादा दुर्घटनाएँ श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुई हैं, और दुर्भाग्यवश, मृतकों की संख्या भी यहीं सबसे अधिक है। इसके बाद नोखा का स्थान है। विश्लेषण से पता चला है कि शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच सबसे ज़्यादा दुर्घटनाएँ होती हैं, जो इस समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता को दर्शाती है।

दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर ने परिवहन विभाग को बसों और ट्रकों पर लगी अतिरिक्त हेडलाइट्स को हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बीकानेर शहर में सड़क व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

एक महत्वपूर्ण फैसले में, जिला कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी एनएच के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एनएच-11 और एनएच-62 को जोड़ने वाली सड़कों पर, जो विभिन्न गांवों से आकर राष्ट्रीय राजमार्गों से मिलती हैं, स्पीड ब्रेकर बनवाएँ। यह निर्णय दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को बीडीए की सीमा तक इस कार्य को तत्काल शुरू करने के लिए कहा है।

बैठक में नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, बीडीए आयुक्त डॉ. अपर्णा गुप्ता, एडीएम सिटी रमेश देव, आरएसआरडीसी पीडी शिल्पा कच्छावा, एसई पीडब्ल्यूडी विमल गहलोत, एसई पीडब्ल्यूडी एनएच जे.एस.कच्छावा, अधिशाषी अभियंता रोहिताश्व सिंह, डीटीओ श्रीमती भारती नथानी, बीडीए अधिशासी अभियंता श्रीमती वंदना शर्मा, यातायात पुलिस निरीक्षक नरेश निर्वाण, आरयूआईडीपी सहायक अभियंता मनीष बिश्नोई, आईरेड डीआरएम महेश कुमार शर्मा, एनएचएआई से साइट इंजीनियर श्रेया सिंह और आर.एन.सिंह, बीकेईएसएल मैनेजर गौरव शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लिए गए निर्णयों और उठाए गए कदमों से उम्मीद है कि आने वाले समय में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

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